(जनशक्ति खबर) थाने में बंद बच्चों की वायरल तस्वीरों से मची खलबली, नपे थानाध्यक्ष।

 थाने में बंद बच्चों की वायरल तस्वीरों से मची खलबली,


दिल्ली तक पहुंची बिहार पुलिस के कारनामों की गूंज, एक्शन में आए अफसर।(बैशाली) बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा थाने में हत्या के आरोपियों के साथ दो बच्चों को चौकीदार के कमरे में बंद करने के मामले में थानाध्यक्ष विश्वनाथ राम नप गए। एसपी रवि रंजन कुमार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।अन्य मामलों को लेकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरु कर दी गई है। थाने में बंद बच्चों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एटीआर (एक्शन टेकेन रिपोर्ट) तलब की थी। उसके बाद पुलिस अधीक्षक ने यह कार्रवाई की है।


क्या है मामला?


दरअसल, बीते 13 मई को हत्या के आरोप में एक पति-पत्नी को अरेस्ट किया गया था। उनके साथ तीन बच्चे भी थे। भूमि विवाद में दो अन्य आरोपियों चकफतेह के सुमंगल राय और महेश राय को भी हिरासत में लिया गया था। उन्हें भी उसी कमरे में बंद किया गया था। ऐसे में सवाल खड़े होने लगे, क्यों​कि कायदे-कानूनों के मुताबिक बच्चों से पुलिस की वर्दी में पूछताछ तक नहीं की जा सकती है। यदि आरोपी महिला है तो उसे भी अलग जगह रखने का प्रावधान है। महिला पुलिसकर्मी भी होनी चाहिए। इसके बावजूद पुलिस ने नियमों को दरकिनार करते हुए मनमाना रवैया अपनाया।आला-अफसरों को पता चला तो खड़े हो गए कान


इसी घटना की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिले के आला अफसरों को जब इसकी जानकारी हुई तो सबके कान खड़े हो गए और आनन फानन में आरोपियों को कमरे से बाहर निकाला गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों का बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया था और पांच दिन के अंदर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। जिसमें बच्चों को बाल कल्याण समिति या या किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने और मामले में शामिल पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भी शामिल थी। उसी प्रकरण में एसपी रवि रंजन कुमार ने थानाध्यक्ष विश्वनाथ राम को सस्पेंड कर दिया है।


केयर सेंटर में रखे जाने चाहिए बच्चे


बताया जा रहा है कि सभी वयस्क आरोपियों समेत जेलनुमा कमरे में बंद बच्चे दहशत में थे। नियमों के मुताबिक ऐसे बच्चों को केयर सेंटर में रखा जाना चाहिए। पुलिस महकमे के अफसर इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आरोपियों को बच्चों के साथ चौकीदार के शेड में रखा गया था। उसमें ताला लगा दिया गया। उसकी वजह से बवाल बढ़ा।कुछ बता नहीं सके अधिकारी


इस प्रकरण में डीएसपी हेडक्वार्टर देवेंद्र प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने प्रकरण की जानकारी से इंकार कर दिया। संबंधित एसडीपीओ से भी मामले में जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी, जबकि एसपी रवि रंजन कुमार से सम्पर्क नहीं हो सका।

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